World News: पूर्व विदेश मंत्री फूमिओ किशिदा होंगे जापान के अगले प्रधानमंत्री – World news japans former foreign minister fumio kishida wins party vote to become new prime minister

World News: जापान के पूर्व विदेश मंत्री फूमिओ किशिदा (Fumio Kishida) ने बुधवार को सत्तारूढ़ पार्टी के नेता पद का चुनाव जीत लिया. इसके साथ ही उनका प्रधानमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है. प्रधानमंत्री बनने पर 64 वर्षीय किशिदा के समक्ष महामारी का दंश झेल रही अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने और बढ़ते क्षेत्रीय सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए अमेरिका के साथ मजबूत गठबंधन बनाने की चुनौती होगी.Also Read – Pakistan News: नौकरी एक और आवेदन 15 लाख, इमरान खान के राज में पाकिस्तान के ऐसे हालात

किशिदा, लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के निवर्तमान नेता एवं प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा का स्थान लेंगे. पिछले साल सितंबर में पार्टी के प्रमुख का पद संभालने के महज एक साल बाद ही सुगा यह पद छोड़ रहे हैं. लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के नए नेता के तौर पर किशिदा का संसद में सोमवार को अगला प्रधानमंत्री चुना जाना तय है. संसद में उनकी पार्टी और इसकी सहयोगी का दोनों सदनों में बहुमत है. Also Read – World News: दक्षिण अफ्रीका की शीर्ष अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति Jacob Zuma की जेल की सजा बरकरार रखी

अपने विजय भाषण में किशिदा ने कोविड-19, महामारी से बुरी तरह प्रभावित हुई अर्थव्यवस्था और घटती जनसंख्या तथा जन्मदर की समस्याओं सहित राष्ट्रीय संकटों से निपटने का वादा किया. उन्होंने कहा कि वह क्षेत्र में चीन की आक्रामकता का मुकाबला करने वाले एक स्वतंत्र एवं खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के दृष्टिकोण के जरिए जापान के भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को आगे बढ़ाएंगे. Also Read – School Kab Khulenge: नए टीका नियमों के बीच 10 लाख विद्यार्थियों के लिए फिर से खुले स्कूल, जानें लेटेस्ट अपडेट

किशिदा ने पार्टी के नेता पद के मुकाबले में लोकप्रिय टीकाकरण मंत्री तारो कोनो को हराया. पहले चरण के चुनाव में, उन्होंने दो महिला उम्मीदवारों सना तकाइची और सेइको नोडा को पराजित किया था. दूसरे चरण के चुनाव में, 170 के मुकाबले 257 वोटों से मिली शानदार जीत से यह प्रदर्शित होता है कि किशिदा को अपनी पार्टी के दिग्गजों का समर्थन मिला, जिन्होंने कोनो द्वारा समर्थित बदलाव के बजाय स्थिरता को चुना. कोनो को स्वतंत्र विचारों वाले व्यक्ति के तौर पर जाना जाता है.

नए नेता पर पार्टी की छवि को सुधारने का दबाव होगा, जो सुगा के नेतृत्व में खराब हुई है. कोरोना वायरस महामारी से निपटने के तौर तरीकों और तोक्यो में ओलंपिक कराने पर अड़े रहने को लेकर सुगा ने जनता में आक्रोश पैदा कर दिया. परंपरावादी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) को आने वाले दो महीनों में संसद के निचले सदन के चुनाव से पहले शीघ्र ही जन समर्थन अपने पक्ष में करने की जरूरत है. किशिदा ने कहा कि उन्होंने अतीत में कई मतदाताओं से यह शिकायत सुनी है कि उनकी अनदेखी की जा रही है.

किशिदा, 2020 में सुगा से पार्टी नेतृत्व की दौड़ में हार गये थे. किशिदा हिरोशिमा से तीसरी पीढ़ी के नेता हैं. वह 1993 में पहली बार संसद के लिए निर्वाचित हुए थे. वह परमाणु निरस्त्रीकरण के पैरोकार हैं.

(इनपुट: भाषा)