The Business Of Selling Girls Was Going On Under The Guise Of Marriage – शादी की आड़ में चल रहा था लड़कियों को बेचने का कारोबार

एक पीडि़ता की शिकायत के बाद पुलिस ने 6 आरोपी पकड़े
जबलपुर की एनजीओ संचालिका की पुलिस कर रही तलाश

छतरपुर। भोलीभाली लड़कियों को शादी का लालच देकर उन्हें बेचे जाने के कारोबार का भण्डाफोड़ हुआ है। जिले की मातगुवां थाना पुलिस ने एक पीडि़ता द्वारा सुनाई गई व्यथा पर गंभीरता से तफ्तीश को आगे बढ़ाया तो इस गंदे कारोबार में शामिल 6 आरोपी पकड़ में आए हैं। पीडि़ता को जबलपुर से छतरपुर लाकर बेचा गया था। इस मामले में रैकेट चलाने वाली जबलपुर की एक एनजीओ संचालिका अब भी पुलिस की पहुंच से दूर है।

शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने पुलिस कंट्रोल रूम में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 30 सितम्बर 2021 को जबलपुर की रहने वाली अनुसूचित जाति की 20 वर्षीय युवती ने मातगुवां थाने पहुंचकर एक गंभीर कहानी बताई थी। लड़की के मुताबिक उसके परिवार को अच्छे घर में शादी कराने का झांसा देकर जबलपुर की एक एनजीओ संचालिका ने उसे छतरपुर में शादी के लिए भेजा था। 18 सितम्बर 2021 को छतरपुर में चार आरोपी वीरेंद्र यादव, जयप्रकाश पटेल, पप्पू गंधर्व, डाल सिंह मुझे मिले। इनमें से एक वीरेन्द्र उर्फ धीरू मेरा पूर्व परिचित था। बाकी सभी उसके दोस्त थे। इन चारों ने बताया कि हम तुम्हारी शादी मातगुंवा थाना इलाके के सहसनगर निवासी 32 वर्षीय संतोष पाल के साथ कर रहे हैं। संतोष के साथ पप्पू पिता भुजबल परमार निवासी मातगुवां भी मौजूद था। जिस लड़के से मेरी शादी कराई जा रही थी वह विकलांग था तो मैंने उससे शादी करने से मना कर दिया लेकिन फिर चारों आरोपियों ने मुझे बहलाया कि संतोष पाल बहुत पैसे वाला है और मुझे जिंदगी भर खुश रखेगा। इस लालच में आकर मैं शादी के लिए राजी हो गई। अदालत में आरोपी मेरे भाई के तौर पर गवाह बन गए और मेरी शादी संतोष पाल के साथ करा दी।

पीडि़ता ने पुलिस को बताया कि शादी के बाद वह सहसनगर आकर रहने लगी। कुछ दिनों बाद घर से फोन आया कि मां की तबियत खराब है। लड़की ने अपने पति से मां को देखने के लिए जबलपुर चलने की इच्छा जताई लेकिन संतोष ने मना कर दिया। दोनों के बीच विवाद हुआ तो संतोष ने बताया कि उसने चारों आरोपियों को 80 हजार रूपए देकर लड़की को अनैतिक कार्य के लिए खरीदा था। संतोष ने कहा कि अब वह कहीं नहीं जा सकती। लड़की चुपचाप सहम कर रह गई। कुछ दिनों बाद जब उसे घर से भागने का मौका मिला तो उसने थाने पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई। मातगुवां थाना पुलिस ने इस मामले में धारा 344, 366, 368, 370, 370क, 420 एवं 34 अनैतिक दुव्र्यापार निवारण अधिनियम 1956 की धारा 5 व अनुसूचित जाति एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

इस मामले में पुलिस ने जबलपुर के रामपुर निवासी जयप्रकाश पटेल, दमोह के ग्राम हिनौती निवासी डाल सिंह, दमोह जिले के ही पप्पू उर्फ तुलसीदास गंधर्व, जबेरा थाना क्षेत्र के ग्राम मंगरोई के रहने वाले धीरू उर्फ वीरेन्द्र यादव सहित शादी रचाने वाले संतोष पाल मातगुवां एवं उसके साथ पप्पू पिता भुजबल परमार निवासी मातगुवां को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने चार आरोपियों से 80 हजार रूपए की रकम भी बरामद की है जो लड़की को बेचने के लिए इस्तेमाल की गई थी। एसपी सचिन शर्मा ने बताया कि आरोपी डाल सिंह पर पूर्व में भी इस तरह की शादी कराने का मामला दर्ज रह चुका है। आरोपियों को पकडऩे में एसपी के निर्देश पर डीएसपी शशांक जैन, बड़ामलहरा थाना प्रभारी जगतपाल सिंह, बक्स्वाहा थाना प्रभारी धन सिंह नलवाया, मातगुवां थाना प्रभारी सिद्धार्थ शर्मा, उपनिरीक्षक अमित मिश्रा के नेतृत्व में चार टीमें बनाई गई थीं। इन टीमों ने अलग-अलग जगह से सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता अर्जित की है।