School Education – शिक्षकों ने विभाग को दिया ज्ञापन, बोले नहीं देखे जा रहे उनके हित

– राज्य शिक्षा केन्द्र को जताई नाराजगी
– बिना इंतजाम काम सौंपे जाने से दुखी हैं

 

भोपाल. गैर शैक्षणिक कार्यों में जिस तरह से ड्यूटी लग रही है उस पर शिक्षकों ने नाराजगी जताई। इस मामले में राज्य शिक्षा केन्द्र को ज्ञापन दिया गया है। जिसमें शिक्षा विभाग पर आरोप है कि वह केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित है। इसे मानव अधिकारों का उल्लंघन बताया गया।
स्कूल शिक्षा विभाग सहित कई विभागों से कर्मचारियों और शिक्षकों की कोविडकाल के दौरान ड्यूटी लगी थी। कई कर्मचारी जहां वापस अपने विभागों में लौट गए लेकिन शिक्षक अब भी लगे हुए। इस मामले में अध्यापक संगठन ने राज्य शिक्षा केन्द्र से मांग की है कि वह हस्तक्षेप कर राहत दिलाए।
संगठन के प्रांताध्यक्ष राकेश दुबे ने अपने ज्ञापन में बताया गया कि विभाग ने कई अतार्किक निर्देश जारी किए हैं। शिक्षकों की समस्याओं को दरकिनार कर एक तरफा आदेश जारी किए जाते हैं। उनके व्यवहारिक होने और तार्किक होने पर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया जाता है किसी भी शिक्षक को किसी भी प्रकार की टेक्निकल ट्रेनिंग आईसीटी की नहीं दी गई है। ट्रेनिंग न मिलने से कई जगह नई तकनीक के बारे में शिक्षकों को जानकारी नहीं है। जबकि स्कूल खुलने जा रहे हैं। ऐसे में स्कूल में विद्यार्थियों को पढ़ाने में दिक्कत आ सकती है।

शिक्षक बोले स्कूल में पढ़ाने के साथ ऑनलाइन का भी दिया जा रहा जिम्मा

शिक्षकों ने कहा कि स्कूल खुलने जा रहे हैं। ऐसे में शिक्षक कक्षाओं में बच्चों को पढ़ाएंगे। स्कूल शिक्षा विभाग से जारी आदेश के मुताबिक उन्हें ऑनलाइन भी बच्चों को पढ़ाना होगा। जिससे संकट की स्थिति बन रही है। विभाग से सुधार के मांग भी की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।