New Politics in Haryana Congress and core group raised name of Kumari Selja from Ellenabad By Election

चंडीगढ़, [अनुराग अग्रवाल]। Haryana Congress: राजस्थान की सीमा से सटी सिरसा जिले की ऐलनाबाद विधानसभा सीट पर टिकट के लिए कांग्रेस में खूब मारामारी हो रही है। चौधरी देवीलाल और ओमप्रकाश चौटाला के गढ़ माने जाने वाले ऐलनाबाद में कांग्रेस के पास तीन मजबूत दावेदार हैं। लेकिन कांग्रेस का एक वर्ग चाहता है कि वहां से हरियाणा कांग्रेस की अध्यक्ष कुमारी सैलजा चुनाव लड़ें। हरियाणा कांग्रेस के कोर ग्रुप ने ऐलनाबाद में चुनाव लड़ने के लिए कुमारी सैलजा का नाम हाईकमान के सामने रखा है। हाईकमान इस नाम पर कितना सहमत होता है, यह तो अगले दो चार दिन में पता चल जाएगा, लेकिन सैलजा का नाम आने के बाद कांग्रेस की राजनीति में जबरदस्त तड़का लगता नजर आ रहा है। बताया जाता है कि कोर ग्रुप की बैठक में सैलजा का नाम कुलदीप बिश्‍नोई ने उछाला।

भरत बैनीवाल, पवन बैनीवाल, अमरजीत सिंह और डा. केवी सिंह भी मांग रहे कांग्रेस टिकट

सिरसा लोकसभा सीट आरक्षित है। यहां से कुमारी सैलजा दो बार सांसद रह चुकी हैं। ऐलनाबाद विधानसभा सीट भी आरंभ में आरक्षित रही, लेकिन अब यह अनारक्षित सीट है और किसी भी जाति-वर्ग का उम्मीदवार ऐलनाबाद में ताल ठोंक सकता है। कांग्रेस की टिकट के लिए ऐलनाबाद से दो बार चुनाव लड़ चुके भरत बैनीवाल की मजबूत दावेदारी बरकरार है। उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र ¨सह हुड्डा की पसंद माना जाता है।

भाजपा के टिकट पर दो बार चुनाव लड़ चुके पवन बैनीवाल भी ऐलनाबाद से कांग्रेस का टिकट चाहते हैं। कुछ दिन पहले ही पवन बैनीवाल को कुमारी सैलजा ने कांग्रेस में प्रवेश कराया है। पवन बैनीवाल जानते हैं कि सैलजा के हस्तक्षेप के कारण भले ही वह टिकट लेने में कामयाब हो जाएं, लेकिन हुड्डा के आशीर्वाद के बिना उनकी नैया पार नहीं होने वाली है। इसलिए पवन बैनीवाल सैलजा के साथ-साथ हुड्डा और उनके सांसद बेटे दीपेंद्र के भी संपर्क में हैं।

 चौधरी देवीलाल के बड़े भाई साहब राम के बेटे अमरजीत सिंह भी कांग्रेस टिकट के दावेदार

कांग्रेस में टिकट के तीसरे प्रबल दावेदार चौधरी देवीलाल के बड़े भाई स्वर्गीय साहब राम के बेटे अमरजीत सिंह हैं। अमरजीत कांग्रेस के प्रति अपनी पुरानी वफादारी का ईनाम मांग रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा के कार्यकाल में उनके ओएसडी रह चुके डा. केवी सिंह की इच्छा भी ऐलनाबाद से चुनाव लड़ने की है। उनके बेटे अमित सिहाग इस बार कांग्रेस के टिकट पर डबवाली से विधायक चुने गए हैं।

केवी सिंह और अमित सिहाग भी चौधरी देवीलाल के कुनबे के ही हैं। इन दावेदारियों के बीच हरियाणा कांग्रेस की अध्यक्ष कुमारी सैलजा का अचानक नाम आना चौंकाने वाला है। दो दिन पहले दिल्ली में हुई कांग्रेस की बैठक में सैलजा के नाम की पेशकश की गई है। कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य एवं आदमपुर से विधायक कुलदीप बिश्नोई ने प्रस्ताव रखा कि सिरसा से सैलजा सांसद रह चुकी हैं और बड़ा चेहरा हैं। इसलिए अगर वह चुनाव लड़ती हैं तो सभी दावेदार और दिग्गज मिलकर सैलजा की जीत के लिए काम करेंगे।

बरोदा सीट के उपचुनाव में कुलदीप बिश्नोई ने उछाला था हुड्डा की पत्नी आशा हुड्डा का नाम

पूर्व सांसद कुलदीप बिश्नोई ने सोनीपत की बरोदा सीट के लिए जब उपचुनाव हो रहा था तो हुड्डा की पत्नी आशा हुड्डा का नाम उछालकर ऐसे ही सबको चौंका दिया था। यद्यपि हुड्डा ने स्पष्ट कह दिया था कि वह अथवा उनके परिवार का कोई सदस्य उपचुनाव में नहीं उतरेगा। इस बार कुलदीप द्वारा सैलजा का नाम उछालने से कांग्रेस के राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है।

प्रदेश प्रभारी विवेक बंसल की मौजूदगी में सामने आए इस नाम का किसी ने विरोध नहीं किया। रणदीप सुरजेवाला, भूपेंद्र हुड्डा, दीपेंद्र हुड्डा, कैप्टन अजय यादव, कुलदीप शर्मा और किरण चौधरी इस बैठक में शामिल रहे। सैलजा इस प्रस्ताव पर कुछ नहीं बोली, लेकिन कांग्रेस के एक बड़े नेता ने प्रभारी से कहा कि यदि सैलजा लड़ना चाहती हैं तो उनसे अकेले में बात कर ली जाए। अंत में सर्वसम्मति बनी की विवेक बंसल, हुड्डा और सैलजा की तीन सदस्यीय कोर टीम जो नाम फाइनल करेगी, उसे पूरे दमखम के साथ ऐलनाबाद में उतारा जाएगा।