Maharashtra government to build Science City in Pune on Rajiv Gandhi Name

Maharashtra महाराष्ट्र सरकार की मंत्रिमंडल की बैठक में फैसला किया गया है कि राज्य में विज्ञान के प्रति रुचि पैदा करने के लिए पुणे के पिंपरी-चिंचवण क्षेत्र में भारत रत्न राजीव गांधी साइंस इन्नोवेशन सिटी का निर्माण किया जाएगा।

मुंबई, राज्य ब्यूरो। महाराष्ट्र की शिवसेनानीत महाविकास अघाड़ी सरकार पुणे में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नाम पर साइंस सिटी का निर्माण करेगी। केंद्र सरकार की एक योजना के तहत इसके लिए 191 करोड़ रुपये की राशि भी स्वीकृत कर दी गई है। यह सिटी पांच वर्ष में बनकर तैयार हो जाएगी। महाराष्ट्र सरकार की मंत्रिमंडल की बैठक में फैसला किया गया है कि राज्य में विज्ञान के प्रति रुचि पैदा करने के लिए पुणे के पिंपरी-चिंचवण क्षेत्र में भारत रत्न राजीव गांधी साइंस इन्नोवेशन सिटी का निर्माण किया जाएगा। आठ एकड़ में बनने वाली यह सिटी 2013 में बनकर तैयार हो चुके पिंपरी-चिंचवण साइंस पार्क के निकट होगी। पिंपरी-चिंचवण साइंस पार्क के शैक्षणिक अधिकारी सुनील पोटे के अनुसार, यह सिटी चीन, सिंगापुर आदि देशों में बने साइंस पार्कों की तर्ज पर बनाया जाएगी। जिसका उद्देश्य छात्रों में विज्ञान के प्रति रुचि पैदा करना होगा।

राजीव गांधी के नाम पर महाविकास अघाड़ी सरकार द्वारा लिया गया एक माह के अंदर यह दूसरा फैसला है। इससे पहले केंद्र सरकार द्वारा राजीव गांधी खेल रत्न अवार्ड का नाम क्रिकेट के महारथी ध्यानचंद के नाम पर करने के बाद ही महाविकास अघाड़ी सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री के नाम पर राजीव गांधी आइटी अवार्ड देने की घोषणा की थी। यह अवार्ड घोषित होने के बाद महाराष्ट्र के आइटी राज्यमंत्री सतेज पाटिल बताया था कि यह अवार्ड पांच अलग-अलग श्रेणियों में राज्य की आइटी कंपनियों को दिया जाएगा। 

गौरतलब है कि भारत के सर्वोच्च खेल सम्मान खेल रत्न पुरस्कार का नाम अब पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जगह पूर्व भारतीय कप्तान मेजर ध्यानचंद के नाम पर होगा। भारतीय हाकी टीमों के टोक्यो ओलिंपिक में शानदार प्रदर्शन के बाद इस सम्मान का नाम महान हाकी खिलाड़ी के नाम पर रखने का फैसला लिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया था कि देश को गर्वित कर देने वाले पलों के बीच अनेक देशवासियों का यह आग्रह भी सामने आया है कि खेल रत्न पुरस्कार का नाम मेजर ध्यानचंद को समर्पित किया जाए। लोगों की भावनाओं को देखते हुए, इसका नाम अब मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि टोक्यो ओलिंपिक में भारतीय पुरुष और महिला हाकी टीमों के प्रदर्शन ने पूरे देश को रोमांचित किया है। अब हाकी में लोगों की दिलचस्पी फिर से बढ़ी है, जो आने वाले समय के लिए सकारात्मक संकेत है। खेल रत्न पुरस्कार के साथ 25 लाख रुपये की राशि भी दी जाती है।