Love Poem In Social Media By Anurag Anant Raste Par Paon Ki Nishan Ki Tarah Chhutna

                
                                                             
                            रास्ते पर पाँव के निशान की तरह छूटना 
                                                                     
                            
और आँख में अधूरी नींद की तरह 
किसी के दिल में छूटने के लिए 
मत तलाशना कोई उपमा 
वहाँ जैसे हो वैसे ही छूट जाना

छूटना किसी के हाथ से तलवार की तरह 
तो किसी के हाथ से शराब के प्याले सा
अंधे की लाठी जैसे छूटती है हाथों से 
वैसे न छूटना कभी 
चाहे पड़े रहना प्रतीक्षा में बसंत की 
और मौसम उदास बैठा रहे अनमने कबूतर सा मन की मुंडेर पर

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6 hours ago