‘India Today Healthgiri Awards 2021’ का आगाज, हेल्थकेयर वर्कर्स होंगे सम्मानित – india today healthgiri awards on Gandhi jayanti Corona warriors live updates ntc

दो अक्टूबर गांधी जयंती के अवसर पर ‘आजतक’ के ‘इंडिया टुडे ग्रुप हेल्थगीरी अवॉर्ड्स’ समारोह का आज आगाज हो गया है. पिछले साल यह कार्यक्रम वर्चुअल स्तर पर आयोजित किया गया था, लेकिन इस बार यह भव्य आयोजन दिल्ली के ली मेरिडियन (Le Meridien) होटल में किया गया है. इस कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया पुरस्कार वितरित करेंगे. साथ ही इस मंच के जरिए मनोरंजन जगत की कई दिग्गज हस्तियां अपने सुरीले अंदाज में कार्यक्रम में चार चांद लगाएंगे.

2:31 PM (34 मिनट पहले)

फेस्टिवल और स्कूल खोलने पर क्या बोले रणदीप गुलेरिया

Posted by :- deepak kumar

अगले सप्ताह से नवरात्र की शुरुआत होने जा रही है. इसके बाद अगले एक दो महीने तक त्योहारों का सीजन है. ऐसे में एम्स निदेशक ने लोगों से अपील की है कि वो सावधानी पूर्वक त्योहारों का आनंद लें. सभी जरूरी कोरोना प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन करें. मास्क लगाना और सोशल डिस्टेंसिंग आदि का ज्यादा से ज्यादा ख्याल रखें. वहीं पिछले कुछ दिनों में कई स्कूल खोले जा रहे हैं. इसको लेकर गुलेरिया ने कहा कि पिछले दो सालों से स्कूल पूरी तरह बंद है. ऐसे में बच्चों का फिजिकल ग्रोथ रुक गया है. इसलिए जरूरी है कि स्कूल खोले जाएं. लेकिन जरूरी है कि वहां भी सभी जरूरी कोविड प्रोटोकॉल का पालन करें.  

2:21 PM (45 मिनट पहले)

डेथ रेट कंट्रोल करने के लिए वैक्सीनेश जरूरी

Posted by :- deepak kumar

क्या आगे फिर से कोई लहर आ सकती है. इस सवाल के जवाब में एम्स निदेशक ने कहा कि बेहतर है कि आप हमेशा तैयार रहें और अपनी तैयारी पूरी रखें. लेकिन दो तीन फैक्टर हैं जो डेथ रेट को कंट्रोल करने के लिए बेहद जरूरी होगी. पहला हमारे यहां वैक्सीनेशन की रफ्तार ठीक है. क्योंकि इससे ही डेथ रेट पर कंट्रोल किया जा सकता है.

2:13 PM (52 मिनट पहले)

फिलहाल सबको वैक्सीन मिलना जरूरी, बूस्टर की बात फिलहाल अनैतिक

Posted by :- deepak kumar

अगर लोगों की जान बचानी है तो लोगों को कम से कम एक डोज देना ही होगा. उसके बाद ही हमें बूस्टर डोज की बात करनी चाहिए. अब तक के डाटा के मुताबिक आम स्वस्थ लोगों को बूस्टर डोज की जरूरत है, इसकी कोई जानकारी नहीं मिली है. दूसरी बात यह काफी महत्वपूर्ण है कि बूस्टर डेटा कौन सी देनी चाहिए. जो पहले ले चुके हैं या फिर कोई नई वैक्सीन लेनी चाहिए.बेहतर होगा कि अभी इंतजार करें. पक्का डाटा आ जाने के बाद इसपर विचार किया जाएगा.

2:05 PM (एक घंटा पहले)

बूस्टर को लेकर आगे करना होगा ट्रायल: गुलेरिया

Posted by :- deepak kumar

बूस्टर को लेकर अभी तक कोई ऐसा डेटा नहीं है जो प्रोटेक्शन को लेकर सही जानकारी दे सके. क्योंकि इसमें यह जानना जरूरी होगा कि बूस्टर डोज कब लगना चाहिए. दूसरा जैसे जैसे अन्य वैक्सीन आ रही है. और हम ट्रायल कर रहे हैं. पहले जब वैक्सीन नहीं थी दो ग्रुप पर ट्रायल करते थे. एक को वैक्सीन लगाई, एक को नहीं लगाई. लेकिन अब यह अनैतिक होगा कि किसी को वैक्सीन ना दें और तुलना करें. वैक्सीन ट्रायल के लिए भी आगे हमें तुलना करना होगा कि सेकंड जेनरेशन और थर्ज जेनरेशन के लिए. 

1:57 PM (एक घंटा पहले)

एंटीबॉडी कम बनने का यह मतलब नहीं कि आप सुरक्षित नहीं

Posted by :- deepak kumar

इम्यूनिटी को लेकर रणदीप गुलेरिया ने कहा कि कोरोना के अलावा भी देखें तो एंटीबॉडी हमेशा नहीं रहती है. वह तीन चार महीने बाद कम होने लगती है. लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि उस व्यक्ति में इम्यूनिटी नहीं है. मेमरी सेल, आपके बोन मेरो आदि में रहती है. वह वायरस के सिग्नेचर को पहचानता है. इसे टी मेंमरी सेल कहते हैं. अगर टी मेमरी सेल ने वायरस को पहचान लिया है तो जब भी शरीर में कोई दिक्कत आएगी. यह अपना काम शुरू कर देगा. इसका ये मतलब है कि अगर शरीर में वायरस आया तो खुद ब खुद एंटीबॉडी बन जाएगी. 

1:52 PM (एक घंटा पहले)

वैक्सीनेशन का अलग अलग वेरिएंट पर भी हो रहा असर

Posted by :- deepak kumar

कोरोना के अलग अलग वेरिएंट्स देखने को मिल रहे है. मुख्य रूप से जो अभी वेरिएंट हैं वो डेल्टा हैं. इसके अलावा डेल्टा प्लस हैं. कई जगहों पर म्यू, सी-1,2 पाए गए हैं. लेकिन अभी तक इनको लेकर ऐसा कोई डाटा नहीं है कि यह वेरिएंट्स ज्यादा सीरियस या इंफेक्शियस है. या हम देख रहे हैं कि इनकी वजह से मौतें ज्यादा हो रही हैं. अभी तक के हिसाब से देखें तो वैक्सीन से लोगों को प्रोटेक्शन मिला है. 

1:48 PM (एक घंटा पहले)

रणदीप गुलेरिया ने बताया, कब तक होगी वैक्सीनेशन

Posted by :- deepak kumar

AIIMS के निदेशक रणदीप गुलेरिया ने कहा कि वैक्सीनेशन की जो वर्तमान रफ्तार है उससे लगता है कि इस साल के आखिर तक पूरी आबादी को वैक्सीन लग जाएगी. बाकी अगले साल सभी लोगों को दोनों डोज लग जाएगी. कई लोग सवाल करते हैं कि क्या वैक्सीनेशन से इंफेक्शन खत्म हो जाएगी. लेकिन मेरा कहना है कि इससे कोरोना से मौत का डर या गंभीरता कम हो जाएगी.