Gwalior Health News Pediatric ward of Kamalaraja Hospital will be expanded

Publish Date: | Sat, 02 Oct 2021 05:15 PM (IST)

Gwalior Health News: ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कमलाराजा अस्पताल में पीडियाट्रिक वार्ड का विस्तार किया जाएगा। जिससे यदि बच्चों की संख्या बढ़ती है तो उन्हें भर्ती करने में परेशानी न हो और एक बेड पर तीन-चार बच्चों को न रखना पड़े। इसके साथ ही मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ती है तो डाक्टरों की कमी पूरी करने के लिए स्वास्थ्य विभाग से मदद ली जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के पीडियाट्रीशियन की ड्यूटी कमलाराजा में लगाई जा सकती है। हालांकि राहत की बात यह है कि पिछले दो दिन से शिशुरोग विभाग में मरीजों की भर्ती के आंकड़े में करीब तीन फीसद की गिरावट आई है। दूसरा 20 बेड बढ़ने से थोड़ी राहत मिली है, लेकिन पीआइसीयू की हालत अभी भी खराब है। यहां अभी भी एक बेड पर तीन से चार बच्चों को इलाज दिया जा रहा है। गौरतलब है कि पिछले चार दिन में इलाज के दौरान आठ बच्चों की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन हरकत में आया है। गुरुवार को संभागायुक्त आशीष सक्सेना ने बीमारी बढ़ने पर समस्याओं से निपटने के लिए रणनीति बनाने के निर्देश दिए जिसको लेकर जेएएच प्रबंधन द्वारा पूरा खाखा तैयार किया गया है।

एक हजार बिस्तर के अस्पताल में मरीजों को किया जाएगा शिफ्ट

जेएएच प्रबंधन का कहना है कि एक हजार बिस्तर अस्पताल में कमलाराजा अस्पताल से फीमेल सर्जरी और मेडिसिन दोनों विभाग के मरीज शिफ्ट किए जाएंगे। जो वार्ड खाली होंगे उसमें शिशुरोग विभाग के लिए खोला जाएगा, जहां पर बच्चे भर्ती हो सकेंगे। इसके साथ ही यदि बीमार बच्चों की संख्या तेजी से बढ़ती है तो स्वास्थ्य विभाग से पीडिट्रीशियन की मांग की जाएगी। हालांकि अगले 15 दिन में 15 नीट परीक्षा पास कर आने वाले 15 पीजी मिल जाएंगे जिसके बाद डाक्टर की कमी नहीं रहेगी।

घटी मरीजों की संख्या

शिशुरोग विशेषज्ञ डा. घनश्याम दास का कहना है कि बुखार, सर्दी, खांसी व जुकाम से पीड़ित बच्चों की संख्या अधिक है, लेकिन पिछले दो दिन में देखा गया कि पिछले एक सप्ताह में जिस गति से बीमार बच्चों को भर्ती करने का सिलसिला चल रहा था उसमें थोड़ी कमी आई है। मौसम में परिवर्तन के कारण वायरल तेजी से फैल रहा है। इसलिए बच्चा यदि बीमार होता है तो तत्काल डाक्टर से परामर्श लें।

संभागायुक्त के निर्देश पर पीडियाट्रिक वार्ड में भर्ती करने से लेकर इलाज देने तक का पूरा खाका तैयार किया गया है। यदि आवश्यकता हुई तो स्वास्थ्य विभाग से भी मदद ली जाएगी और वार्ड का विस्तार भी किया जाएगा।

-डा. आरकेएस धाकड़, जेएएच अधीक्षक

Posted By: anil.tomar

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