Cultural – 114वीं जयंती पर याद किए गए शहीद ए आजम भगत सिंह

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उधमपुर। नगर के शहीद भगत सिंह पार्क में शहीद भगत सिंह यादगार कमेटी की ओर से शहीद भगत सिंह का 114वां जन्म दिवस मनाया गया। इस अवसर पर सभी लोगों ने शहीद ए आजम की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।
शहीद भगत सिंह यादगार कमेटी के प्रधान मास्टर लूद्धर मणि ने उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शहीद भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर 1907 को बंगा में हुआ था। उनका पूरा परिवार ही स्वतंत्रता सेनानी था। शहीद भगत सिंह जब पैदा हुए थे, तब उनके परिवार के कई सदस्य जेल में थे।
उन्होंने कहा कि इसका प्रभाव शहीद भगत सिंह पर भी पड़ा तथा वह भी छोटी आयु में ही आजादी के दीवाने हो गए। देश को आजादी दिलाने के लिए वह क्रांतिकारी गुट से मिले तथा उनके लिए काम करना प्रारंभ किया। इस दौरान उन्होंने असेंबली में बम फेंका और वहां से भागने की बजाय अपनी आवाज बुलंद करने के लिए इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगाए और अपने साथी राजगुरु व सुखदेव के साथ गिरफ्तारी दी। बाद में अंग्रेजों ने उन्हें फांसी की सजा सुनाई।
लुद्धर मणि ने कहा कि हम सभी को शहीद भगत सिंह के जीवन से प्रेरणा लेकर उनके बताए देश प्रेम के मार्ग पर चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी नशे के जाल में फंसती जा रही है, जिसको बचाने के लिए उन्हें शहीद भगत सिंह के आदर्शों पर चलना होगा। इस अवसर पर बंसीलाल खजूरिया, गंधर्व सिंह, हाजी गुलाम रसूल, प्रह्लाद सिंह, मोहम्मद आजाद, ललिता देवी व अन्य मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

उधमपुर। नगर के शहीद भगत सिंह पार्क में शहीद भगत सिंह यादगार कमेटी की ओर से शहीद भगत सिंह का 114वां जन्म दिवस मनाया गया। इस अवसर पर सभी लोगों ने शहीद ए आजम की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।

शहीद भगत सिंह यादगार कमेटी के प्रधान मास्टर लूद्धर मणि ने उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शहीद भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर 1907 को बंगा में हुआ था। उनका पूरा परिवार ही स्वतंत्रता सेनानी था। शहीद भगत सिंह जब पैदा हुए थे, तब उनके परिवार के कई सदस्य जेल में थे।

उन्होंने कहा कि इसका प्रभाव शहीद भगत सिंह पर भी पड़ा तथा वह भी छोटी आयु में ही आजादी के दीवाने हो गए। देश को आजादी दिलाने के लिए वह क्रांतिकारी गुट से मिले तथा उनके लिए काम करना प्रारंभ किया। इस दौरान उन्होंने असेंबली में बम फेंका और वहां से भागने की बजाय अपनी आवाज बुलंद करने के लिए इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगाए और अपने साथी राजगुरु व सुखदेव के साथ गिरफ्तारी दी। बाद में अंग्रेजों ने उन्हें फांसी की सजा सुनाई।

लुद्धर मणि ने कहा कि हम सभी को शहीद भगत सिंह के जीवन से प्रेरणा लेकर उनके बताए देश प्रेम के मार्ग पर चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी नशे के जाल में फंसती जा रही है, जिसको बचाने के लिए उन्हें शहीद भगत सिंह के आदर्शों पर चलना होगा। इस अवसर पर बंसीलाल खजूरिया, गंधर्व सिंह, हाजी गुलाम रसूल, प्रह्लाद सिंह, मोहम्मद आजाद, ललिता देवी व अन्य मुख्य रूप से उपस्थित रहे।