Covid-19 से लड़ने वाली 20 दवाओं की लिस्ट में शामिल हैं, Zydus का एंटीबॉडी कॉकटेल, Glenmark का नेजल स्प्रे

मर्क का Molnupiravir, zydus के एंटीबॉडी कॉकटेल और Glenmark के नेसल स्प्रे भारत में Covid-19 के इलाज के लिए ड्रग्स ट्रायल या अप्रूवल के अलग-अलग फेज में 20 से ज्यादा नई दवाओं में से हैं। हालांकि, Covid-19 मामलों में गिरावट और विस्तारित समय सीमा के कारण इन दवाओं का बाजार वर्तमान में बहुत बड़ा नहीं हो सकता है, विशेषज्ञों का मानना ​​​​है कि ये दवाएं भविष्य में आने वाली कोरोना की लहरों को काबू करने और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों की रक्षा करने में मदद करेंगी।

हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, नोवेल कोरोनावायरस के खिलाफ भारत की लड़ाई में कई दवाओं की एक ऐसी पाइपलाइन अहम भूमिका निभाएगी। उनका तर्क है कि Covid-19 वैक्सीन केवल गंभीर बीमारी या मौत के प्रति इम्यूनिटी प्रदान करेंगे।

इसके अतिरिक्त, कुछ लोग वैक्सीन शॉट लेने के बावजूद इम्यून रिस्पांस पैदा करने में सक्षम नहीं हो सकते हैं। दूसरे कमजोर ग्रुप जैसे कि बुजुर्ग, बिना इम्यूनिटी वाले मरीज या जिन्हें अभी वैक्सीन नहीं लगाई जा सकती है, वे भी जोखिम में हैं। विशेषज्ञों का मानना ​​है कि 100% आबादी को वैक्सीन के साथ कवर करना बेहद असंभव है और कोरोनावायरस का इलाज करना “बहुत जरूरी” है।

उदाहरण के लिए, जैसे चेचक को दशकों पहले खत्म कर दिया गया था, इसके खिलाफ दवा को अमेरिकी रेगुलेटर की तरफ से 2020 में अप्रूव्ड किया गया था, जबकि कई सालों तक चेचक का कोई मामला सामने नहीं आया था।

ICMR के पूर्व वैज्ञानिक डॉ. रमन गंगाखेडकर ने कहा कि हम अभी भी कोविड के लॉन्ग-टर्म दुष्प्रभावों के बारे में ज्यादा सीख रहे हैं। “ये पहली पीढ़ी के वैक्सीन उतनी कुशलता से स्टरलाइजिंग इम्युनिटी प्रदान नहीं करते हैं। वे गंभीर संक्रमण को रोकते हैं। इसका मतलब है कि जिन लोगों को टीका लगाया गया है, उनमें से कुछ अभी भी हल्की बीमारी से बीमार हो सकते हैं, जिससे दूसरी जटिलताएं हो सकती हैं या लंबे समय तक कोविड हो सकता है।”

US फार्मा दिग्गज मर्क एंड रिजबैक बायोथेरेप्यूटिक्स के ओरल एंटीवायरल ट्रीटमेंट मोलनुपिरवीर, जिसके लिए अस्पताल में भर्ती होने या मृत्यु के जोखिम को लगभग 50% तक कम करने का दावा किया जाता है। मर्क एंड रिजबैक बायोथेरेप्यूटिक्स अपनी पार्टरन कंपनियों Cipla, डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज, सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज और टोरेंट फार्मास्युटिकल्स के जरिए भारत में ट्रायल कर रही है।

अहमदाबाद स्थित Zydus Cadila एकमात्र भारतीय कंपनी है, जिसने मोनोक्लोनल एंटीबॉडी को बेअसर करने वाला कॉकटेल ट्रीटमेंट डेवलप करने का दावा किया है। स्विस दवा निर्माता रोश द्वारा निर्मित एक ऐसी ही दवा पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दी गई थी, जब उन्हें Covid-19 हुआ था। इस दवा का भारत में पहले फेज का ट्रायल चल रहा है।

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