Bihar education department is preparing to establish specialized laboratory in plus 2 schools

पटना, राज्य ब्यूरो। Bihar Education News: बिहार के सरकारी उच्च माध्यमिक (प्लस-टू) विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को बेहतर शिक्षा प्रदान करने के लिए सरकार एक बड़ा काम करने जा रही है। राज्‍य के सभी प्‍लस टू विद्यालयों में विशिष्ट प्रयोगशालाओं की स्थापना होगी। प्रत्येक प्रयोगशाला पर एक लाख 20 हजार रुपये खर्च अनुमानित है। इसके लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी), पटना ने एक प्रस्ताव शिक्षा विभाग को दिया है। यह प्रस्ताव फिलहाल पटना जिले के चुनिंदा उच्च माध्यमिक विद्यालयों में चालू शैक्षणिक सत्र में लागू होगी। शिक्षा विभाग के स्तर से आइआइटी के प्रस्ताव पर अमल करने की तैयारी हो रही है। बिहार के स्‍कूलों में प्रयोगशालाओं की हालत बेहद खराब है। कई हाई स्‍कूलों में तो बच्‍चे बगैर प्रयोगशाला में एक दिन जाए ही परीक्षा पास करते हैं। इसका असर उनके ज्ञान और कौशल पर पड़ता है।

विशेषज्ञ तय करेंगे प्रयोगशालाओं का स्वरूप

राज्य में तकरीबन आठ हजार उच्च माध्यमिक विद्यालय हैं, जिनमें चरणबद्ध तरीके से विशिष्ट प्रयोगशालाओं की स्थापना होगी। प्रयोगशालाओं का स्वरूप कैसा हो? इस पर आइआइटी के विशेषज्ञ से भी विचार-विमर्श कर डिजाइन और उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। आइआइटी ने जीव विज्ञान, भौतिकी, गणित और रसायन शास्त्र विषय के लिए अलग-अलग विशिष्ट प्रयोगशाला की स्थापना के लिए जो प्रस्ताव दिया है, उस पर शिक्षा विभाग द्वारा अपने स्तर से विषय विशेषज्ञों से राय ली जा रही है।

  • उच्च माध्यमिक विद्यालयों में स्थापित होंगी विशिष्ट प्रयोगशालाएं
  • पटना आइआइटी ने शिक्षा विभाग को दिया प्रस्ताव
  • प्रत्येक प्रयोगशाला पर एक लाख 20 हजार रुपये खर्च अनुमानित

ग्रामीण क्षेत्रों में चलंत प्रयोगशालाएं होंगी संचालित

पटना आइआइटी ने प्रदेश के ग्रामीण  इलाकों में संचालित उच्च माध्यमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के लिए चलंत प्रयोगशालाओं की स्थापना का भी प्रस्ताव दिया है। शिक्षा विभाग ने इस प्रस्ताव पर भी अमल करने की सहमति दी है। फिलहाल ग्रामीण और शहरी इलाकों के गिने-चुने उच्च माध्यमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए प्रायोगिक कक्षाएं कराई जाती हैं।