Betting In Ipl Match Was Being Done Through Mobile App, Three Were Arrested – मोबाइल एप से लगवा रहे थे आईपीएल मैच में सट्टा, तीन दबोचे गये

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्‍तव
Updated Tue, 28 Sep 2021 07:35 PM IST

सार

सट्टे के लिए बैंक खाते में आए 42 लाख रुपये भी फ्रीज करा दिये। पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।

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आईपीएल मैच पर सट्टा राजधानी के कई इलाकों में लग रहा है। विभूतिखंड पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का खुलासा किया है। जो मोबाइल एप के जरिए आईपीएल मैचों में सट्टा लगवा रहा था। पुलिस ने गिरोह के तीन सदस्यों को दबोच लिया। उनके पास से नकदी, मोबाइल, लैपटॉप सहित कई अहम सामान बरामद किया। वहीं सट्टे के लिए बैंक खाते में आए 42 लाख रुपये भी फ्रीज करा दिये। पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।

प्रभारी निरीक्षक विभूतिखंड चंद्रशेखर सिंह के मुताबिक आईपीएल मैच में मोबाइल एप के जरिए लोगों से रुपये लगाकर मोटी रकम कमाने का झांसा दिया जा रहा था। इसकी जानकारी होने पर पुलिस टीम ने विभवखंड स्थित एक मकान में दबिश दी। मौके से तीन युवक दबोचे गये। पकड़े गये आरोपियों में मूलरूप से गोरखपुर के बांसगांव का रहने वाला प्रवीण सिंह उर्फ सोहन सिंह उर्फ डोगरा, विनयखंड-2 का राहुल सिंह और मल्हौर रेलवे कालोनी चिनहट का गौरव शामिल हैं।

पुलिस के मुताबिक ये सभी लोगों को एक मोबाइल एप पर सट्आ लगवाते थे। जिसका नंबर मेल पर भेजते थे। आरोपियों के पास से 14 हजार रुपये नकदी, चार एंड्रायड मोबाइल, तीन कीपैड मोबाइल, दो चेक बुक, एक लैपटॉप, एक एलईडी टीवी बरामद किया। उनकेपास से बरामद बैंक डिटेल के आधार पर पुलिस ने एक खाता फ्रीज कराया है। जिसमें 4266310 रुपये जमा थे।

फर्जी ई-मेल आईडी से भेजते थे लिंक
पुलिस की पूछताछ में मुख्य आरोपी प्रवीण सिंह ने बताया कि पूरा गिरोह मोबाइल का प्रयोग नहीं करते थे। गिरोह ने फर्जी नाम व पते से ई-मेल आईडी बना रखा था। लोगों को सट्टे में रुपये  लगाने के लिए मोबाइल एप के जरिए लिंक भेजते थे। फर्जी आईडी पर बनाए गए मोबाइल एप पर लोगों से हारजीत का सट्टा लगवाया जा रहा था। ताकि पुलिस उनको पकड़ न सके। गिरोह के सदस्य मैच शुरू होने के बाद से सक्रिय हो जाते थे। जो अंतिम गेंद तक चलता था।

टॉस से लेकर हर गेंद पर लगती थी रकम
पुलिस के मुताबिक आईपीएल मैच के शुरू होने के पहले से यह गिरोह सक्रिय हो जाता था। गिरोह के सदस्य गौरव ने पूछताछ में बताया कि मैच के तय समय से पहले लैपटॉप व मोबाइल लिंक भेजकर टॉस में किसी टीम की जीत होगी? कौन पहले बल्लेबाजी करेगा? कौन ओपनिंग करने आ रहा है? कौन खिलाड़ी पहले गेंदबाजी करेगा? पहली गेंद पर कितने रन बनेंगे? यहां तक हर बाल पर कितने रन और विकेट गिरेंगे? इन सब को लेकर सट्टा लगता था। कौन खिलाड़ी कितने रन बनाएगा? इस तरह से करोड़ों रुपये का रोज सट्टे पर लगते थे।

गिरोह का खुलासा करने में इनकी भूमिका
गिरोह का खुलासा करने में डीसीपी पूर्वी संजीव सुमन की क्राइम टीम के एसआई रजनीश वर्मा, मुख्य आरक्षी नरेंद्र बहादुर सिंह, आरक्षी आनंद मणि सिंह, बृजेश बहादुर सिंह, रिंकू कुमार, मनीष मलिक, विशाल कुमार, विभूतिखंड थाने के एसआई पवन कुमार सिंह, सईद अख्तर उस्मानी, मनोज यादव व मुख्य आरक्षी संदीप जायसवाल की मुख्य भूमिका रही। 

विस्तार

आईपीएल मैच पर सट्टा राजधानी के कई इलाकों में लग रहा है। विभूतिखंड पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का खुलासा किया है। जो मोबाइल एप के जरिए आईपीएल मैचों में सट्टा लगवा रहा था। पुलिस ने गिरोह के तीन सदस्यों को दबोच लिया। उनके पास से नकदी, मोबाइल, लैपटॉप सहित कई अहम सामान बरामद किया। वहीं सट्टे के लिए बैंक खाते में आए 42 लाख रुपये भी फ्रीज करा दिये। पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।

प्रभारी निरीक्षक विभूतिखंड चंद्रशेखर सिंह के मुताबिक आईपीएल मैच में मोबाइल एप के जरिए लोगों से रुपये लगाकर मोटी रकम कमाने का झांसा दिया जा रहा था। इसकी जानकारी होने पर पुलिस टीम ने विभवखंड स्थित एक मकान में दबिश दी। मौके से तीन युवक दबोचे गये। पकड़े गये आरोपियों में मूलरूप से गोरखपुर के बांसगांव का रहने वाला प्रवीण सिंह उर्फ सोहन सिंह उर्फ डोगरा, विनयखंड-2 का राहुल सिंह और मल्हौर रेलवे कालोनी चिनहट का गौरव शामिल हैं।

पुलिस के मुताबिक ये सभी लोगों को एक मोबाइल एप पर सट्आ लगवाते थे। जिसका नंबर मेल पर भेजते थे। आरोपियों के पास से 14 हजार रुपये नकदी, चार एंड्रायड मोबाइल, तीन कीपैड मोबाइल, दो चेक बुक, एक लैपटॉप, एक एलईडी टीवी बरामद किया। उनकेपास से बरामद बैंक डिटेल के आधार पर पुलिस ने एक खाता फ्रीज कराया है। जिसमें 4266310 रुपये जमा थे।

फर्जी ई-मेल आईडी से भेजते थे लिंक

पुलिस की पूछताछ में मुख्य आरोपी प्रवीण सिंह ने बताया कि पूरा गिरोह मोबाइल का प्रयोग नहीं करते थे। गिरोह ने फर्जी नाम व पते से ई-मेल आईडी बना रखा था। लोगों को सट्टे में रुपये  लगाने के लिए मोबाइल एप के जरिए लिंक भेजते थे। फर्जी आईडी पर बनाए गए मोबाइल एप पर लोगों से हारजीत का सट्टा लगवाया जा रहा था। ताकि पुलिस उनको पकड़ न सके। गिरोह के सदस्य मैच शुरू होने के बाद से सक्रिय हो जाते थे। जो अंतिम गेंद तक चलता था।

टॉस से लेकर हर गेंद पर लगती थी रकम

पुलिस के मुताबिक आईपीएल मैच के शुरू होने के पहले से यह गिरोह सक्रिय हो जाता था। गिरोह के सदस्य गौरव ने पूछताछ में बताया कि मैच के तय समय से पहले लैपटॉप व मोबाइल लिंक भेजकर टॉस में किसी टीम की जीत होगी? कौन पहले बल्लेबाजी करेगा? कौन ओपनिंग करने आ रहा है? कौन खिलाड़ी पहले गेंदबाजी करेगा? पहली गेंद पर कितने रन बनेंगे? यहां तक हर बाल पर कितने रन और विकेट गिरेंगे? इन सब को लेकर सट्टा लगता था। कौन खिलाड़ी कितने रन बनाएगा? इस तरह से करोड़ों रुपये का रोज सट्टे पर लगते थे।

गिरोह का खुलासा करने में इनकी भूमिका

गिरोह का खुलासा करने में डीसीपी पूर्वी संजीव सुमन की क्राइम टीम के एसआई रजनीश वर्मा, मुख्य आरक्षी नरेंद्र बहादुर सिंह, आरक्षी आनंद मणि सिंह, बृजेश बहादुर सिंह, रिंकू कुमार, मनीष मलिक, विशाल कुमार, विभूतिखंड थाने के एसआई पवन कुमार सिंह, सईद अख्तर उस्मानी, मनोज यादव व मुख्य आरक्षी संदीप जायसवाल की मुख्य भूमिका रही।