Betting After Receiving Mobile Call From Nepal – नेपाल की कॉल पर हो रहा करोड़ों का खेल, राजधानी के कई इलाकों में बनाया अस्थायी ठिकाना

नेपाल से एक कॉल आने के बाद राजधानी में लग जाते है करोड़ों रुपये सट्टेबाजी में।
– फोटो : ??? ?????

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आईपीएल सीजन-14 दोबारा शुरू होते ही सट्टेबाजों की लॉटरी लग गई। राजधानी में अस्थायी ठिकाना बनाकर सट्टेबाज कॉल का इंतजार करते हैं।
मैच शुरू होने के कुछ देर पहले ही नेपाल से कॉल आती है। इसके बाद शुरू हो जाता है सट्टे का खेल। करोड़ों रुपये का सट्टा राजधानी में लग रहा है। मंगलवार को विभूतिखंड पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का खुलासा भी किया था।
आईपीएल मैचों के शुरू होते ही स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने निगरानी शुरू कर दी थी। इस बार सट्टेबाजों ने ऑनलाइन खेल शुरू किया।
फर्जी नामों से मोबाइल एप लिंक तैयार करते हैं। फिर उसे मैच शुरू होने के बाद रुपये लगाने वालों के मोबाइल पर भेज देते हैं। पुलिस सूत्रों की माने तो इसके लिए सट्टेबाजों ने अलग-अलग मोबाइल का इस्तेमाल भी किया है।
सट्टे पर लगा रुपया का भी ऑनलाइन कराते है भुगतान
ऑनलाइन सट्टा लगाने वाले गिरोह को एसटीएफ ने कुछ दिन पहले इंदिरानगर से दबोचा था। इसमें रिंकू राजपूत और गुडंबा का कादिर था। पूछताछ में दोनों ने कुबूला था कि मोबाइल में एक लाइव लाइन लगाई जाती है। यह डब्बा फोन की तरह काम करता था। इस उपकरण के जरिए खिलाड़ियों को क्रिकेट मैच खेलने वाली टीमों के दाम के बारे में बताया जाता है। इस उपकरण से जुड़ने के लिए हर महीने दो हजार रुपये फीस देनी होती है। इसका नेटवर्क पूरे प्रदेश में सक्रिय रहता है। इसे चलाने वाला सटोरिया भी एक स्थान पर टिककर नहीं रहता है। प्रभारी निरीक्षक विभूतिखंड चंद्रशेखर सिंह के मुताबिक, गिरोह के तार कहां से जुड़े हैं। इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। हालांकि, मामले में साइबर क्राइम सेल की टीम भी लगी है।
नेपाल में होता है रुपया ट्रांसफर
आईपीएल के दौरान ऑनलाइन सट्टेबाजी साइबर क्राइम भी कर रहे हैं। अमीनाबाद, रकाबगंज, गोमतीनगर विस्तार, जानकीपुरम, गुडंबा, सुशांत गोल्फ सिटी, महानगर, अलीगंज इलाके में सट्टेबाजी का खेल हो रहा है। वेबसाइट (बेटफेयर) के जरिए हर मैच पर रुपये लगाये जा रहे हैं। प्रति मैच 100 से 10 हजार रुपये की राशि लगाई जाती है। वहीं, 50 हजार से लाखों रुपये बड़ी राशि के लिए नेपाल में बैठे गिरोह के सरगना की अनुमति ली जाती है।

आईपीएल सीजन-14 दोबारा शुरू होते ही सट्टेबाजों की लॉटरी लग गई। राजधानी में अस्थायी ठिकाना बनाकर सट्टेबाज कॉल का इंतजार करते हैं।

मैच शुरू होने के कुछ देर पहले ही नेपाल से कॉल आती है। इसके बाद शुरू हो जाता है सट्टे का खेल। करोड़ों रुपये का सट्टा राजधानी में लग रहा है। मंगलवार को विभूतिखंड पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का खुलासा भी किया था।

आईपीएल मैचों के शुरू होते ही स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने निगरानी शुरू कर दी थी। इस बार सट्टेबाजों ने ऑनलाइन खेल शुरू किया।

फर्जी नामों से मोबाइल एप लिंक तैयार करते हैं। फिर उसे मैच शुरू होने के बाद रुपये लगाने वालों के मोबाइल पर भेज देते हैं। पुलिस सूत्रों की माने तो इसके लिए सट्टेबाजों ने अलग-अलग मोबाइल का इस्तेमाल भी किया है।

सट्टे पर लगा रुपया का भी ऑनलाइन कराते है भुगतान

ऑनलाइन सट्टा लगाने वाले गिरोह को एसटीएफ ने कुछ दिन पहले इंदिरानगर से दबोचा था। इसमें रिंकू राजपूत और गुडंबा का कादिर था। पूछताछ में दोनों ने कुबूला था कि मोबाइल में एक लाइव लाइन लगाई जाती है। यह डब्बा फोन की तरह काम करता था। इस उपकरण के जरिए खिलाड़ियों को क्रिकेट मैच खेलने वाली टीमों के दाम के बारे में बताया जाता है। इस उपकरण से जुड़ने के लिए हर महीने दो हजार रुपये फीस देनी होती है। इसका नेटवर्क पूरे प्रदेश में सक्रिय रहता है। इसे चलाने वाला सटोरिया भी एक स्थान पर टिककर नहीं रहता है। प्रभारी निरीक्षक विभूतिखंड चंद्रशेखर सिंह के मुताबिक, गिरोह के तार कहां से जुड़े हैं। इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। हालांकि, मामले में साइबर क्राइम सेल की टीम भी लगी है।

नेपाल में होता है रुपया ट्रांसफर

आईपीएल के दौरान ऑनलाइन सट्टेबाजी साइबर क्राइम भी कर रहे हैं। अमीनाबाद, रकाबगंज, गोमतीनगर विस्तार, जानकीपुरम, गुडंबा, सुशांत गोल्फ सिटी, महानगर, अलीगंज इलाके में सट्टेबाजी का खेल हो रहा है। वेबसाइट (बेटफेयर) के जरिए हर मैच पर रुपये लगाये जा रहे हैं। प्रति मैच 100 से 10 हजार रुपये की राशि लगाई जाती है। वहीं, 50 हजार से लाखों रुपये बड़ी राशि के लिए नेपाल में बैठे गिरोह के सरगना की अनुमति ली जाती है।