सोशल मीडिया के जरिए युवाओं तक पहुंच बनाने की कोशिश में BSP, बनाई खास रणनीति – BSP in an attempt to reach out to the youth through social media NTC

स्टोरी हाइलाइट्स

  • यूपी में अगले साल होने हैं विधानसभा चुनाव
  • बीएसपी ने सोशल मीडिया के लिए बनाई खास रणनीति
  • युवाओं को सोशल मीडिया के जरिए जोड़ने की कवायद

यूपी में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए बीएसपी ने तैयारियां शुरू कर दी है. पार्टी सोशल मीडिया पर भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाकर ज्यादा से ज्यादा लोगों तक अपनी पैठ बनाने की जुगत में लगी हुई है. लखनऊ में अब पार्टी ने सोशल मीडिया का पाठ कॉलेज-यूनिवर्सिटी और हॉस्टल में पढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है. बीएसपी की नजर एजुकेशनल युवा छात्रों पर हैं, जोकि बाबा भीमराव अंबेडकर की नीतियों को फॉलो करते हैं. ऐसे छात्रों से बीएसपी ने जुड़ना शुरू कर दिया है और पार्टी सोशल मीडिया की खास रणनीति पर काम कर रही है.

लंबे समय तक सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखने वालीं मायावती भी चुनाव के दौरान लगातार सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में रहेंगी. बीएसपी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा के बेटे कपिल मिश्रा भी युवाओं से जुड़ रहे हैं और सोशल मीडिया की उन्हें ट्रेनिंग दे रहे हैं. उनके साथ ही बीएसपी चीफ मायावती के भतीजे आकाश आनंद भी लगातार युवाओं के साथ सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में हैं.

लखनऊ में स्थित बाबा भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी, भीमराव अंबेडकर छात्रावास के साथ में अन्य विद्यालय के बाहर जा जाकर सोशल मीडिया के जरिए लोगों को जोड़ने के साथ ही उनसे बातचीत कर उनको बीएसपी की और अंबेडकर की नीतियों को फॉलो कर ज्यादा ज्यादा सोशल मीडिया पर जोड़ने की कवायद की जाएगी. पार्टी ने इसके लिए, खासकर युवाओं को सोशल मीडिया की ट्रेनिंग शुरू कर दी है. 

बीएसपी का मकसद है कि जो उनका युवा वोटर हैं, उनको मजबूत किया जाए और सोशल मीडिया के जरिए ट्विटर पर बीएसपी की आइडियोलॉजी से बांधे रखा जाए. उसके साथ साथ किसी भी मुद्दे पर ऐसे युवाओं को बीएसपी से जोड़कर कदम से कदम मिलाना जिससे 2022 में होने वाले चुनाव में बीएसपी एक बड़ी जीत दर्ज कर सके.

बीएसपी का ट्विटर अकाउंट हुआ वेरिफाइड 
बहुजन समाज पार्टी का सोशल मीडिया अकाउंट वेरीफाई हो गया है. ट्विटर ने बीएसपी के अकाउंट को ब्लू टिक दे दिया है. मायावती की पार्टी बहुजन समाज पार्टी हमेशा से सोशल मीडिया से दूरी बनाती थी. लेकिन अब पार्टी एक्टिव हो गई है. पार्टी सुप्रीमो मायावती भी लगातार ट्वीट करती रही हैं और उनका अकाउंट बहुत समय पहले ही वैरिफाइड हो चुका है. पार्टी सोशल मीडिया अकाउंट्स का अगले साल के प्रदेश के विधानसभा चुनाव के दौरान ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने की कोशिश कर रही है.