पूर्व पाकिस्तानी कप्तान, जिसने हरी पिच देखकर बनाया चोट का बहाना, टीम से निकाला, तो तबलीगी जमात में हुआ शामिल | On This Day: Saeed Ahmed’s Birthday, Former Pakistan Captain who joined Tablighi Jamat

पूर्व पाकिस्तानी कप्तान, जिसने हरी पिच देखकर बनाया चोट का बहाना, टीम से निकाला, तो तबलीगी जमात में हुआ शामिल

सईद अहमद ने पाकिस्तान के लिए 41 टेस्ट मैच खेले और करीब 3000 रन बनाए. (Photo: PCB)

इस दिग्गज बल्लेबाज के नाम टेस्ट क्रिकेट में पाकिस्तान के लिए सबसे तेजी से एक हजार रन पूरे करने का रिकॉर्ड है, जो 1958-59 में बनाया गया था और आज भी कायम है.

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  • Publish Date – 7:28 am, Fri, 1 October 21Edited By: रिया कसाना
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पाकिस्तानी जमीन ने विश्व क्रिकेट को कई बेहतरीन खिलाड़ी दिए हैं. ऐसे खिलाड़ी, जिनकी काबिलियत से बाकी टीमें भी रश्क करती रही हैं. लेकिन साथ ही पाकिस्तान क्रिकेट में विवाद भी भरपूर हुए हैं. ऐसे विवाद, जिनकी कल्पना भी नहीं की जा सकती. कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी भी विवादों का हिस्सा रहे हैं, जिससे उनका करियर प्रभावित हुआ. ऐसे ही एक पूर्व क्रिकेटर हैं- सईद अहमद (Saeed Ahmed). 1960 के दशक में पाकिस्तानी टीम का अहम हिस्सा रहे सईद एक बेहतरीन बल्लेबाज रह चुके हैं, जिनके नाम आज भी पाकिस्तान के लिए टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेजी से 1000 रन बनाने का रिकॉर्ड है. सईद अहमद ने सिर्फ 20 पारियों में एक हजार टेस्ट रन पूरे किए थे.

आज इन्हीं सईद अहमद का जन्मदिन है, जो 84 साल के हो गए हैं. सईद गुजरे जमाने के ऐसे कई पाकिस्तानी क्रिकेटरों में से हैं, जिनका जन्म भारत में हुआ था. सईद पंजाब के जालंधर में 1 अक्टूबर 1937 को जन्मे थे. विभाजन के बाद उनका परिवार पाकिस्तान चला गया था, जहां उन्होंने क्रिकेट की शुरुआत की. सईद ने 1958 में पाकिस्तानी क्रिकेट टीम (Pakistan Cricket Team) के लिए अपना टेस्ट डेब्यू किया था. वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले ही टेस्ट में पहली पारी में सिर्फ 13 रन बनाए, जबकि दूसरी पारी में 65 रनों की पारी खेलने के साथ ही हनीफ मोहम्मद के साथ करीब 150 रनों की साझेदारी भी की.

सईद अपने ताकतवर शॉट्स के लिए मशहूर थे. उनके शॉट्स में इतनी ताकत होती थी, गेंद गोली की रफ्तार से निकल जाती थी. सईद के टेस्ट करियर की शुरुआत काफी अच्छी रही थी और पहले 5 टेस्ट मैचों में ही उन्होंने एक बेहतरीन शतक जमा दिया था. वेस्टइंडीज के खिलाफ जॉर्जटाउन में उन्होंने 150 रन की पारी खेली. करियर की पहली 10 टेस्ट पारियों में उन्होंने 1 शतक और 5 अर्धशतक जमाए थे. 1960-61 में अपने इकलौते भारत दौरे पर सईद ने 2 शतक जमाए थे. जबकि उससे ठीक पहले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू टेस्ट में भी शतक जमाया था.

एक झूठ, जिसने किया करियर खत्म

सईद को 3 टेस्ट मैचों के लिए कप्तान बनाया गया था, लेकिन खराब प्रदर्शन के बाद हटा दिया गया था, जिससे खफा होकर वह इंग्लैंड चले गए थे. इस दौरान वह 2 साल तक टीम से बाहर रहे और 1971 में उनकी वापसी हुई. टीम में वापसी के बाद 1972 में उन्हें ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए चुना गया और यहीं एक ऐसा बवाल हुआ जिसने उनका करियर खत्म कर दिया. ऑस्ट्रेलिया सीरीज में एडिलेड और मेलबर्न टेस्ट के बाद बारी थी सिडनी टेस्ट की. ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पेस बैटरी को सपोर्ट करने के लिए हरी-भरी घसियाली पिच तैयार की थी. दावा किया जाता है कि सईद ने ऐसी पिच देखी और घबराकर उन्होंने टेस्ट से ठीक 2 घंटे पहले खुद को अनफिट बता दिया. हालांकि, ऐसा था नहीं और कथित तौर पर उसी रात उन्हें सिडनी के नाइट क्लब में मस्ती करते हुए देखा गया. टीम मैनेजमेंट ने इसकी जांच की तो पता चला कि उन्होंने चोट के बारे में झूठ कहा था. सईद को ऑस्ट्रेलिया से वापस पाकिस्तान भेज दिया गया और फिर कभी उन्हें नहीं खिलाया गया.

तबलीगी जमात से जुड़े

सईद वहां से इंग्लैंड चले गए और कुछ वक्त बाद कट्टर इस्लामी प्रचारक के रूप में दुनिया के सामने आए. उन्होंने दुनियाभर में मशहूर तबलीगी जमात का दामन थामा और इस्लाम के प्रचारक बन गए. कहा जाता है कि सईद के संपर्क में आने के बाद ही सकलेन मुश्ताक, सईद अनवर और इंजमाम उल हक जैसे दिग्गज क्रिकेटर भी कट्टर इस्लाम की ओर मुड़ गए.

ऐसा रहा सईद अहमद का करियर

एक विवाद के कारण सईद का अंतरराष्ट्रीय करियर ज्यादा बड़ा नहीं हो सका और अपने पूरे करियर में उन्होंने सिर्फ 41 टेस्ट मैच खेले, जिसमें 2991 रन बनाए. इसमें 5 शतक और 16 शतक शामिल है. उनका औसत 40.41 का रहा. भारत के खिलाफ 5 मैचों में उन्होंने 460 रन जमाए, जिसमें सबसे ज्यादा 2 शतक भारत के खिलाफ आए थे. वहीं 213 मैच लंबे फर्स्ट क्लास करियर में 12487 रन बनाए और 34 शतक ठोके.

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